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जाने नवरात्रि के इन नौ प्रतीकों के बारे में




नवरात्रि पूरे नौ दिनों का त्यौहार है. ज्यादातर लोग पूरे नौ दिन तक उपवास रखते है. नवरात्रि से जुडी हुई बहुत ऐसी बाते है जो आप अभी तक नहीं जानते होगे शायद बहुत ऐसे कम लोग ही होगे जिन्हें नवरात्रि के इन नौ प्रतीकों के बारे में पूरी जानकारी होगी. अगर आप नवरात्रि में उपवास रखते है तो इनकी आपको पूरी जानकारी होना भी जरुरी है तो आइये जानते है नवरात्रि के इन नौ प्रतीकों के बारे में 

अगर आपने मन में सवाल है की नवरात्रि में कलश क्यों रखते है गरबा क्यों खेलते है या फिर कुमारी  क्यों पूजी जाती है तो इन सभी सवालों के जवाब यहाँ पर आपको मिलने वाले है आज इन सभी के बारे में ही हम आपको जानकारी देगे मै उम्मीद यही करता हूँ की आपको ये जानकारी अवश्य पसंद आएगी. 


जाने नवरात्रि के इन नौ प्रतीकों के बारे में 


1. कलश 


नवरात्रि में कलश क्यों रखा जाता है क्या आपको पता है अगर नहीं पता है तो कोई बात नहीं मै आपको बता देता हूँ. नवरात्रि के पहले दिन ही पवित्र पानी का कलश स्थापित किया जाता है. पवित्र पानी का कलश देवी दुर्गा का प्रतीक माना जाता है. कई जगह घरों में नवरात्रि के पहले दिन जौ बोने के भी प्रथा है. 9 दिन में ये पौधे कुछ बड़े हो जाते है और फिर इन्ही पौधों को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है 


2. उपवास रखना


कई लोग पूरे नौ दिन तक का उपवास रखते है और वो केवल दूध और फल का ही सेवन करते है. कुछ लोग नवरात्रि में माँसाहारी खाना और मदिरा पान का भी परहेज करते है. ऐसी परंपरा कई सालो से चली आ रही है 


3. कोलू रस्म 


उत्तर भारत में बहुत कम लोग ही इस रस्म को जानते होगे क्युकी कोलू रस्म दक्षिण भारत से बहुत महत्वपूर्ण रस्मो में से एक है. दक्षिण भारत में इस बोम्मई कोलू के नाम से जानते है. इसमें माँ दुर्गा का शाही दरबार निर्माण गुड़ियों से किया जाता है. 


4. भोग और नैवेध्य 


यह प्रसाद, भोग और नैवेध्य भोजन में मिश्रित करके सभी भक्तगणों को पूजा के बाद परोसा जाता है 


5.  गरबा दीप 


इसमें मिट्टी के दीप में ज्वलित दिया विशेष गर्भ में पल रहे नवजीवन को व्यक्त करता है इसमें नृतक और नृतकियां देवी के स्त्रीत्व के दैवीय रूप का पूजन करती है 


6. सुपारी 


नवरात्रि में 9 सुपारियों का पूजन होता है पूजा करते समय 9 सुपारियाँ रखी जाती है और इन्हें देवी के 9 अवतारों को समझ कर इनकी पूजा की जाती है 


7. शंख


शंख की ध्वनि संपूर्ण वातावरण को आनंदमयी बना देती है. माँ दुर्गा के हाथ में भी शंख है जो भक्ति, पवित्रता और श्रद्धा का संकेत देता है 


8. गरबा नृत्य करना 


गरबा न्रत्य ज्यादातर गुजरात में किया जाता है. गरबा न्रत्य गोलाई में किया जाता है जो समय का प्रतीक है गरबा नृत्य मिट्टी के दीपक के इर्द गिर्द ही किया जाता है 


9.. कुमारी  पूजन 


नवरात्रि के आखिरी दिन कुमारी पूजन किया जाता है. कुमारी पूजन में 9 कुमारियों का आदर सत्कार किया जाता है इन नौ कुमारियों का पूजन देवी के 9 स्वरूपों को मानकर किया जाता है 





उम्मीद करता हूँ आपको ये पोस्ट पसंद आई होगी अगर इसमें कुछ गलतियाँ हो गयी हो तो मै आप सभी readers से छमा मांगता हूँ 

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